कुछ मौसम रंगीन है कुछ आप हसीन हैं

sad shayari in hindi
Sad shayari in hindi

कुछ मौसम रंगीन है कुछ आप हसीन हैं,
तारीफ करूँ या चुप रहूँ जुर्म दोनो संगीन हैं।

एक टूटा दिल ही किसी को टूट के प्यार कर सकता है।
एक ज़ख्म ए दिल ही किसी का ज़ख्म भर सकता है।

मेरी निगाह-ए-शौक़ भी कुछ कम नहीं मगर,
फिर भी तेरा शबाब, तेरा ही शबाब है।

धड़कनों को कुछ तो काबू में कर ऐ दिल,
अभी तो पलकें झुकाई हैं मुस्कुराना अभी बाकी है।

तुम फिर उसी अदा से अंगड़ाई ले के हँस दो,
आ जाएगा पलट कर फिर गुज़रा हुआ ज़माना।

 

 

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