मोहब्बत नही थी तो एक बार समझाया तो होता

zindagi shayari
Zindagi shayari

मोहब्बत नही थी तो एक बार समझाया तो होता . .
बेचारा दिल तुम्हारी खामोशी को इश्क़ समझ बैठा ।

आज़ाद कर दूंगा तुमको अपनी मुहब्बत की कैद से ,
करे जो हमसे बेहतर तुम्हारी क़दर पहले वो शख्स तो ढूँढो

आप जब तक रहेंगे आंखों में नजारा बनकर . .
रोज आएंगे मेरी दुनिया में उजाला बनकर . .

 

 

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