pyar mohabbat ishq shayari hindi | ishq shayari

pyar mohabbat ishq shayari hindi
pyar mohabbat ishq shayari hindi

जुगनू जैसा फरेबी इश्क है तुम्हारा
उजाले दिखा कर अंधेरे में ले जाता है

कुछ तो रहने दो तेरे मेरे दरमियाँ
आज रंजिशें हैं तो क्या हुआ कल इश्क़ भी तो था!

आदत में शुमार तो नहीं था तेरी धोखा…
कहीं बदला तो नहीं लिया, पिछली मुहब्बत का हमसे….

ना तूफ़ान ने दस्तक दी, और ना पत्थर ने चोट दी,!!
वक्त तकदीर से मिला और मुझे सजा -ए-मोहब्बत दी,,!!

मोहब्बत हराम नही है,
आजकल महबूब ही हरामी हो गए है।

बड़ी जोर से हँसी वो मुद्दतों के बाद
आज फिर किसी ने कहा मेरा ऐतबार कीजिए!

हर हाल मे तेरे हाल का खयाल था मुझे,
हरपल तेरे खयाल ने बेहाल कर दिया ।

मोहब्बत अगर सच्ची हो तो मिल ही जाती है
लानत हो उसपर जिसने ये बात बोली थी?!

शायरी तो बस दिल बहलाने का ज़रिया है जनाब,
लफ़्ज़ स्टेटस पर उतारने से महबूब लौटा नहीं करते।

 

 

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