zindagi shayari

मोहब्बत नही थी तो एक बार समझाया तो होता

मोहब्बत नही थी तो एक बार समझाया तो होता . . बेचारा दिल तुम्हारी खामोशी को इश्क़ समझ बैठा । आज़ाद कर दूंगा तुमको अपनी मुहब्बत की कैद से , करे जो हमसे बेहतर तुम्हारी क़दर पहले वो शख्स तो …

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zindagi Shayari

ज़िन्दगी हैं नादान इसलिए चुप हूँ

ज़िन्दगी हैं नादान इसलिए चुप हूँ, दर्द ही दर्द सुबह शाम इसलिए चुप हूँ कह दू ज़माने से दास्तान अपनी, उसमे आएगा तेरा नाम इसलिए चुप हूँ नन्हें बच्चों के सवालात से डर जाता हूँ, जेब ख़ाली हो तो मैं …

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